प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ. Blogger द्वारा संचालित.
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जहां आपके प्रगतिशील विचारों को सामूहिक जनचेतना से सीधे जोड़ने हेतु हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं !

दोस्तों यह हिन्दुस्तान है,मेरा भारत महान है

सोमवार, 4 अप्रैल 2011

दोस्तों यह हिन्दुस्तान हे ,मेरा भारत महान हे यहाँ भाई चारा सद्भावना इस देश की पहचान इस देश की जान हे अगर मानवता इस देश के लोगों में नहीं तो विश्व स्तर पर यह देश बेजान हे लेकिन भारत पाक मेच के दिन की एक घटना ने मुझे इस मानवता पर गम के साथ आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया हे और यह बिमारी जो  हमारे देश में कुछ लोगों की ताकत और बहुत बहुत लोगों की चुप्पी कमजोरी के कारण कोढ़ में खाज की तरह बनती जा रही हे इसे हमें रोकना होगा और इसीलियें यह घटना में आप लोगों से शेयर कर रहा हूँ ..............

दोस्तों में जब छोटा था तो हमारे एक पड़ोसी राजपूत अंकल जिन्हें उनका कुत्ता बहुत प्रिय था वोह जब कटकना  हो गया हडकिया हो गया आते जाते को काटने लग गया तो इन अंकल ने बंदूक उठायी उसे कार में बिठाया उनके पुत्र का में मित्र था में भी उनके साथ हो लिया हम जंगल में गये उन्होंने कुत्ते को बाहर निकाला और फिर धाय धाय उस पर गोली दाग दी कुत्ता ढेर हो गया मेने अंकल से डरते डरते कुत्ते को मारने का कारण पूंछा तो उनका जवाब था जब कोई भी जीव मानवता का दुश्मन हो जाए तो उसे मार देना चाहिए ताकि मानवता की सुरक्षा हो सके मेने दुसरा सवाल किया यह कुत्ता तो अच्छी नस्ल का था फिर भी उनका कहना था नस्ल से कुछ नहीं होता शेतान हर नस्ल में होता हे बिमारी हर नस्ल में होती हे और जो शान्ति अमन सद्भाव के लियें खतरा हो उनको मर देना ही अच्छा हे इन फोजी राजपूत अंकल ने इतनी देर में पास के बिल में से निकलते एक काले सांप पर भी गोली चलाई और वोह भी मर गया उस वक्त इन फोजी राजपूत अंकल की बात मेरे समझ में नहीं आई थी लेकिन कल भारत पाक मेच के बाद इन्दोर से लोटने के बाद जब एक घटना मुझे हमारे पड़ोसी ने सुनाई तो मुझे यह घटना याद आ गयी .


जी हाँ दोस्तों जो घटना मुझे सुनाई गयी वोह देश को शर्मसार करने का प्रयास कुछ समाज कंटकों का  था और इसीलियें इस घटना को सुन कर जितनीं ख़ुशी मुझे भारत के क्रिकेट चेम्पियन बनने की हुई उससे खिन ज्यादा दुःख इस घटना पर हुआ ........हमारे पड़ोसी अंकल के  दादा ससुर इन्दोर में केंसर पीड़ित हें उन्हें चिकित्सकों ने अंतिम अवसर का केंसर बताया और कहा के इन्हें घर ले जाओ वहां जितनी इनकी खिदमत हो सके करो पड़ोसी अंकल अपने बीवी बच्चों के साथ इन्दोर और फिर इन्दोर के अस्पताल पहुंचे उस दिन रात को भारत ने पाक को रोंद कर कीर्तिमान बनाया था जीत का नशा भारतीयों पर था लेकिन उसी दिन कुछ राक्षस सडकों पर साम्प्रदायिकता का तांडव कर रहे थे दोस्तों यकीन मानिए रात्रि को इन केंसर पीड़ित बुज़ुर्ग को एक कर में अस्पताल से जब घर लाया जाने लगा एक कार में केंसर पीड़ित और कुछ महिलाये ,दूसरी कार में रिश्तेदार बच्चे चल रहे थे सामने ही भारत माता की जय पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए करीब दो सो शराबियों का झुण्ड आया और कार में मुस्लिम लिबास की महिलाओं को देख कर घेर लिया पहले इस मरीज़ पर दबाव बनाया के कहो के वन्देमातरम कहों के हम हिन्दुस्तानी हे जब इन मरीज़ से गले का लास्ट स्टेज का केंसर होने के कारण  बोला नहीं गया और आँख से आंसू निकल गये तो इन  समाज कंटकों में से एक ने उनके गाल पर चांटा जड़ दिया कार में ही हमारे पड़ोसी का बच्चा शादाब बेठा था जो केवल दस वर्ष का हे उसके गले में हाथ डाल कर इन जानवरों ने दबाते हुए कहा के तू कह में हिन्दुस्तानी हु ,वन्देमातरम वरना अभी तेरा गला दबाता हूँ ओर्तों में चीख चीत्कार का माहोल था लेकिन इन समाजकंटकों के आगे बेबसी का माहोल था बच्चे ने जो उन्होंने कहा वोह सब दर के मरे कहा इन भेड़ियों को महिलाओं ने केंसर रोगी की पीड़ा के बारे में बताया तो महिलाओं के साथ भी इन लोगों ने अभद्रता की उनका यह शोरशराबा करीब आधे घंटे तक चलता रहा और जब वोह दोनों कारों को अपने घेरे से छोड़ कर गये तब जिस कर में बुज़ुर्ग केंसर रोगी बेठे थे उनकी तरफ देखा तो उनकी आँखें फटी थीं और घर जाने के पहले ही उनकी साँसे थम गयी थी रोते पिटते जब वोह इस लाश को घर ले जा रहे थे तो ऐसे ना  जाने कितने समाज कंटकों की भीड़ का उन्हें सामना करना पढ़ा भारत जिंदाबाद,हिन्दुस्तान जिंदाबाद भारत में रहना होगा तो वन्देमातरम कहना होगा के नारे लग रहे थे यह लोग एक मुस्लिम बस्ती के पास से गुज़रे तो वहां दुसरा नजारा था वहां पाकिस्तान पर भारत की ख़ुशी पर जश्न मनाया जा रहा था फटाखे फोड़े जा रहे थे और नारे लग रहे थे ...... या ख्वाजा तेरा हिन्दुस्तान जिंदाबाद ........... भारत में रहना होगा तो इन्सान बन कर रहना होगा ....... एक दो एक दो जो जानवर हें उन्हें मार दो ..........


कल जब हमारे पड़ोसी और उनके छोटे बच्चे ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले हिन्दुस्तानियों की यह वहशी दास्ताँ रो रो कर सुनाई तो मेरी भी आँख से आंसू निकल पढ़े और जिस हिन्दुस्तान और जिन हिन्दुस्तानियों पर गर्व हे उनमें से कुछ राक्षसों का यह वहशीपन सुनकर में खुद शर्मसार हो गया और जितनी ख़ुशी जितना गर्व मुझे भारत के क्रिकेट विश्व विजेता बनने पर था उससे कई गुना ज़्यादा दुःख मानवता के इन दुश्मनों की करतूतों पर हो रहा था क्या यही हिन्दुस्तान हे क्या इसे फिर से आप और हम बदल कर इसकी गंदगी साफ़ कर इसे आदर्श हिन्दुस्तान आदर्श भारत मेरा भारत महान नहीं बना सकते अगर हां ......तो दोस्तों अपनी लेखनी की धार से बदल डालो  जानवरों की सोच को अगर वोह इंसान बनते हें तो उन्हें इंसान बना दो लेकिन अगर इंसान नहीं बनते हें तो फिर मेरे बचपन के अंकल की तरह उन्हें सबक सिखा दो उन्हें सबक सिखा दो ................ अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

1 comments:

कौशलेन्द्र 6 अप्रैल 2011 को 8:01 pm  

अख्तर जी ! दुखद और अमानवीय घटना . ऐसे ही लोग देश और हिंदुत्व के लिए कलंक हैं ....ऐसे उन्मादियों की कोई सोच नहीं होती ...वस्तुतः उनके अन्दर की हैवानियत ने खोखले देश प्रेम का लिबास ओढ़कर अपना परिचय इस रूप में दिया है. उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाइए .....मुसलमान होना इस बात का परिचायक नहीं है कि वह मनुष्य नहीं है और उस पर इस देश के नियम -क़ानून लागू नहीं होते. हम तो ऐसे मूर्ख और जाहिलों को हिन्दू नहीं मानते.

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

भारतीय ब्लॉग्स का संपूर्ण मंच

join india

Blog Mandli

  © Blogger template The Professional Template II by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP