प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ. Blogger द्वारा संचालित.
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जहां आपके प्रगतिशील विचारों को सामूहिक जनचेतना से सीधे जोड़ने हेतु हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं !

प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ से संवंधित एक महत्वपूर्ण सूचना

गुरुवार, 17 मार्च 2011

1:- "प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ" मे शामिल सभी प्रगतिशील लेखक मित्रो का स्वागत है

2:-"प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ" यानी प्रब्लेस, जहां न क्षेत्र की बंदिशें हैं , न जाति और धर्म की....केवल एक ही बिरादरी है प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ की, इसलिए  आप सभी इस  परिवार  के सम्मानित सदस्य है और आप सभी से उम्मीद है कि सदैव इस इस परिवार का मान रखेंगे और अपने पाठको को उत्तम और विवाद रहित पोस्ट  प्रदान करेंगे

3:- सभी साथी लेखको से आग्रह है कि किसी साथी लेखक  की  पोस्ट प्रकाशित होने के तुरंत बाद अपनी पोस्ट प्रकाशित करे

4:- दो पोस्टो के बीच मे कम से कम ३  घंटे का अंतराल अवश्य रखे ताकि नयी पोस्ट कुछ समय तक शीर्ष पर चमकती रहे और पाठको को उसे पढ़ने का मौका मिले

5:- कृपया अपनी पोस्ट के द्वारा किसी धर्म, जाति या किसी व्यक्ति विशेष पर ऐसा आक्षेप करे जिससे किसी प्रकार का विवाद खड़ा हो यदि किसी पोस्ट मे ऐसा किया जाता है तो उस पोस्ट  को   हटाने का ब्लॉग व्यवस्थापक को पूर्ण अधिकार होगा

6:- यदि संभव हो तो अपनी पोस्ट के प्रकाशन का समय नियत करे और ब्लॉग व्यवस्थापक को इस विषय मे सूचित करे पोस्टिंग के लिए शेड्यूल्ड ऑटो पोस्टिंग सेवा का इस्तेमाल करे

7:- ब्लॉग की देखरेख और किसी भी विवादपूर्ण स्थिति के निर्णय करने के लिए होली के बाद एक 5 या 7 सदस्य वाली सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा , आपमे से जो भी इस सलाहकार समिति का सदस्य बनने  के  इच्छुक हो वो ब्लॉग व्यवस्थापक से टिप्पणी या -मेल के द्वारा संपर्क करे

8:- यदि आप के पास इस ब्लॉग को बेहतर बनाने के लिए कोई सुझाव है तो आप के विचार सादर आमंत्रित है, यदि आप को कोई शिकायत है तो अवश्य अवगत कराये ।

भवदीय -
मनोज पाण्डेय
pragatishilblogar@gmail.com

8 comments:

ब्रजेश सिन्हा 17 मार्च 2011 को 7:57 pm  

समूह ब्लॉग की सफलता के लिए यह एक आवश्यक पहलू है और इस पर सभी को मिलकर सोचना होगा , सभी को मिलकर इन नियमों को तामिल करना होगा ....तभी एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने में हम सफल हो पायेंगे !

ghazalganga 17 मार्च 2011 को 8:26 pm  

मुझे लगता है कि स्क्रीन पर जाने के पहले हर पोस्ट पर एक नज़र डालने की व्यवस्था होनी चाहिए. लेखकों को हलके-फुल्के संपादन की इज़ाज़त देनी चाहिए. मेरे ख्याल में सलाहकार समिति के साथ एक एडिटोरियल बोर्ड का भी गठन होना चाहिए. यही बोर्ड सलाहकार समिति की भूमिका भी निभा सकती है.
----देवेन्द्र गौतम

akhtar khan akela 17 मार्च 2011 को 9:05 pm  

lgtaa he ab chintn or mnthn hone lgaa he ab bloging ki duniyaa prvaan chdhne lgi he bhtrin kama chl rha he svaagt he . akhtar khan akela kota rajsthan

Dinesh pareek 17 मार्च 2011 को 9:55 pm  

आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-
http://vangaydinesh.blogspot.com/2011/03/blog-post_12.html

कौशलेन्द्र 26 मार्च 2011 को 9:21 pm  

चलित शीर्षक पट्टी के साथ ही यदि ताजी पोस्ट की तारीख और समय दे दिया जाय तो दो पोस्ट्स के बीच का उचित अंतराल बनाए रखना अधिक सरल हो जायगा.

हरीश सिंह 27 मार्च 2011 को 12:06 am  

निश्चित रूप से हा सामुदायिक ब्लॉग का उद्देश्य और नियम होना चाहिए. इससे मंच की गरिमा बढती है. साथ ही सभी लेखको को चाहिए की सामुदायिक ब्लॉग के नियमो का पालन करें इसका लाभ लेखको को ही मिलता है. आपकी बातों से सहमत. लेखन की इस दुनिया में मैं आप लोंगो से बहुत छोटा हू फिर भी जहा आवश्यकता पड़ेगी मैं सदैव हाज़िर रहूँगा. इस मंच के बारे में कोई नई सूचना हो तो हमें अवश्य भेंजे... editor.bhadohinews@gmail.com

Neelkamal Vaishnaw 2 अगस्त 2011 को 6:36 pm  

आपका ब्लॉग पसंद आया....इस उम्मीद में की आगे भी ऐसे ही रचनाये पड़ने को मिलेंगी

mujhe aapka link pradaan karne ka kasht kare
www.neelkamalkosir@gmail.com

rajpootravinedra pratapsingh 1 मई 2013 को 10:40 am  

भोजपुरी गीत आप सभी भाइयो के बीच में

हे भगवन तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार के
हे भगवन तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार के
कहो गम लेखला कहो खुसिया
कहो तनहा प्यार हे
हे भगवन तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार के
प्यार दीवाना प्यार बेगाना प्यार ही तो प्रीत बा
ई दुनिय में एसे बडके कुछ नहीं चीज़ बा
का हो सोला कहो सब्नम कहोई तनहा प्यार के
हे भगवन तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार
दिल तो रो रो के है पूछे आंखी से ई बात के
कहो अँखिय का तू कईला दिल के ई साथ में
सुना संगम सुना बदल सुना ई बा प्यार हे
हे भगवन तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार
अंखिया जब तो बंद है
हम करी आवेला तुहार याद हे
सांसे जब जब हम तो है लेई महके तोहर प्यार के
के से कही के कर सोनी के से कही अरमान हे
हे भगवान तू कईसन बनिला इ दुनिया के प्यार के
हे भगवान तू कईसन बनिला ई दुनिया के प्यार के

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