प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ. Blogger द्वारा संचालित.
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जहां आपके प्रगतिशील विचारों को सामूहिक जनचेतना से सीधे जोड़ने हेतु हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं !

तू है यहीं...

शुक्रवार, 30 सितंबर 2011













यूँ तो तू चला गया,
किंतु, जाकर भी है यहाँ !
ख्वाबों में,
फर्श पर पड़े कदमों के निशानों में,
है तेरी पायल की छमछम अब भी |
तेरी कोयल सी आवाज़,
आरती के स्वरों में गूँजती है अब भी |
तू नहीं है अब,
किंतु ,
तेरी परछाई चादर की सलवटों में है वहीं |
तू चला गया,
क्यूँ ?
ये राज़ बस तुझे ही पता |
फिर भी तेरे प्यार की कुछ यादें हैं,
जो छूट गईं
यहीं घर पर |

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

भारतीय ब्लॉग्स का संपूर्ण मंच

join india

Blog Mandli

  © Blogger template The Professional Template II by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP