प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ. Blogger द्वारा संचालित.
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जहां आपके प्रगतिशील विचारों को सामूहिक जनचेतना से सीधे जोड़ने हेतु हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं !

उसकी खता क्या थी?

बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

आना चाहती थी वो 
तुम्हारे जीवन में 
तुम्हारा अक्स बनके
बिखेरने को खुशियाँ

कि उसकी हर अदा पे 
मुस्कुराहटें तुमको भी मिलती 
जीती वो भी कुछ पल 
सौगातें उसको भी मिलतीं

आना पायी वो 
देख न पायी  इस जहान को
क्यों छीन लिया तुमने 
आने वाली उस सांस को

हो तुम कुसूरवार 
सब कहेंगे मगर 
अरे ये तो बात दो 
उसकी खता क्या थी?


(न तो मैं इसे शायरी कह सकता हूँ न कविता और न ही मैं उर्दू भाषा जानता हूँ बस इन पंक्तियों के माध्यम से स्त्री भ्रूण हत्या को रोकने का एक आह्वान करने का प्रयास मात्र किया है)

9 comments:

Atul Shrivastava 23 फ़रवरी 2011 को 2:54 pm  

दिल को छूती रचना।

Minakshi Pant 23 फ़रवरी 2011 को 2:56 pm  

किसी दर्द को खूबसूरती से दर्शाती रचना |
सुन्दर रचना |

वन्दना 23 फ़रवरी 2011 को 3:39 pm  

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (24-2-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

यशवन्त माथुर 23 फ़रवरी 2011 को 4:44 pm  

आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया.
चर्चा मंच पर लेने के लिए वंदना जी का विशेष आभार.

Kailash C Sharma 23 फ़रवरी 2011 को 6:57 pm  

बहुत मर्मस्पर्शी प्रस्तुति..

रजनीश तिवारी 24 फ़रवरी 2011 को 8:26 am  

बहुत मर्मस्पर्शी रचना !

एक टिप्पणी भेजें

About This Blog

भारतीय ब्लॉग्स का संपूर्ण मंच

join india

Blog Mandli

  © Blogger template The Professional Template II by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP