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यह भ्रष्ट और मक्कारों की महफिल है ...................

मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

यह भ्रष्ट  और मक्कारों की महफिल है ...................भ्रस्ताचार के खिलाफ बोले तो तुम भी यूँ ही भरी महफ़िल से निकाले जाओगे , दोस्तों आज भ्रष्टाचारियों के बहुसंख्यक हो जाने के कारण देश में यही चलन चल रहा है जो कोई भी भ्रस्ताचार के खिलाफ एक जुट होता है उसके खिलाफ एक अभियान योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाता है चाहे वोह राजिव गांधी हों , चाहे जय प्रकाश हों ,चाहे धर्म गुरु हो , चाहे मोरारजी देशी हों ,चाहे इस अभियान में भूषण परिवार शामिल हों या फिर किरण बेदी शामिल हो , चाहे अन्ना हजारे हों ,चाहे बालठाकरे हों चाहे इमाम्बुखरी हों .चाहे योगगुरु रामदेव हो जो कोई भी भ्रस्ताचार के खिलाफ बोला है उसकी शामत ही आई है .
लेकिन देश में एक चप्पल भ्रस्ताचार के खिलाफ ऐसी उछली है के उसने भ्रस्ताचार के खिलाफ  बोलने वालों को होसला दिया है , पिछले दिनों एक बच्ची को परेशान कर आत्महत्या के लियें मजबूर कर देने वाले दी जी पी राठोड को एक शख्स द्वारा अदालत में चाकू मारा गया फिर उसी शख्स ने दिल्ली की अदालत में आरुषी के पिता पर हमला किया  कहने को तो यह शख्स पागल लगता है लेकिन आज देश को ऐसे ही नोजवानों की ज़रूरत है और आज एक नोजवान ने भ्रस्ताचार के खिलाफ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अपनी एक चप्पल उछल कर अपने नफरत का परिचय दे दिया है आज अदालत में पेशी पर जाते वक्त अचानक एक शख्स की चप्पल कलमाड़ी की तरफ उछलती है और उन्हें बचाने के लियें पुलिस कर्मी उस युवक को गिरफ्तार कर लेते है कहने को यह एक अपराध है लेकिन आप ही जरा बताइए जो गले तक बर्दाश्त करते करते थक गया हो वोह नो जवान वोह भारतीय ऐसे लोगों के खिलाफ अपनी नफरत का इज़हार ऐसे  नहीं करेगा तो केसे करेगा तो दोस्तों भ्रटाचार तो अब दूर हो ही जाएगा लेकिन इसके लियें भ्रष्ट लोगों की तरफ एक चप्पल तो नफरत से उछालो यारों वाला नारा बुलंद करना होगा ................. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

4 comments:

शालिनी कौशिक 26 अप्रैल 2011 को 4:55 pm  

dekhte jaiye aaj ek yuva aisa kar raha hai kal fauj khadi hogi akhir kab taq ye sahegi.sarthak aalekh.

वीना 26 अप्रैल 2011 को 10:52 pm  

अच्छी पोस्ट... पर वर्तनी की अशुद्धियां कई जगह हैं...पोस्ट प्रकाशित करने से पहले एक बार जांच अवश्य लें...भूलवश रह जाता है...मुझसे भी एक बार हुआ है...इसलिए बुरा नहीं मानिएगा...

Dinesh pareek 27 अप्रैल 2011 को 12:31 pm  

वहा वहा क्या कहे आपके हर शब्द के बारे में जितनी आपकी तारीफ की जाये उतनी कम होगी
आप मेरे ब्लॉग पे पधारे इस के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अपने अपना कीमती वक़्त मेरे लिए निकला इस के लिए आपको बहुत बहुत धन्वाद देना चाहुगा में आपको
बस शिकायत है तो १ की आप अभी तक मेरे ब्लॉग में सम्लित नहीं हुए और नहीं आपका मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है जिसका मैं हक दर था
अब मैं आशा करता हु की आगे मुझे आप शिकायत का मोका नहीं देगे
आपका मित्र दिनेश पारीक

Dinesh pareek 27 अप्रैल 2011 को 12:31 pm  

वहा वहा क्या कहे आपके हर शब्द के बारे में जितनी आपकी तारीफ की जाये उतनी कम होगी
आप मेरे ब्लॉग पे पधारे इस के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अपने अपना कीमती वक़्त मेरे लिए निकला इस के लिए आपको बहुत बहुत धन्वाद देना चाहुगा में आपको
बस शिकायत है तो १ की आप अभी तक मेरे ब्लॉग में सम्लित नहीं हुए और नहीं आपका मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है जिसका मैं हक दर था
अब मैं आशा करता हु की आगे मुझे आप शिकायत का मोका नहीं देगे
आपका मित्र दिनेश पारीक

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